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हंगर स्ट्राइक खत्म कराने की कोशिश… सोनम वांगचुक की पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने अस्पताल प्रशासन पर भूख हड़ताल खत्म कराने का आरोप लगाया। उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट, इलाज और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। सोनम सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Sonam Wangchuk Health Update: सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद विवाद बढ़ गया है। उनकी पत्नी गीतांजलि ने अस्पताल प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें बिना जानकारी दिए अस्पताल लाया गया और उनकी भूख हड़ताल तुड़वाने की कोशिश की जा रही है। सोनम वांगचुक को सोमवार को प्रस्तावित मार्च से पहले जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। अस्पताल के बाहर भारी सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है। सोनम से मिलने के बाद बाहर आईं उनकी पत्नी गीतांजलि ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी हालत सामान्य है और वह पूरी तरह होश में हैं।

पोटैशियम रिपोर्ट पर विवाद

गीतांजलि के मुताबिक, बुधवार शाम तक सोनम का पोटैशियम स्तर 4.3 था, जिसे उन्होंने सामान्य बताया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने पोटैशियम लेवल 2.9 होने की जानकारी दी और इसे गंभीर स्थिति बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन उन्हें मेडिकल रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध नहीं करा रहा है, इसलिए वह स्वतंत्र लैब से दोबारा जांच कराना चाहती हैं।

उन्होंने कहा कि बिना उनकी सहमति और रिपोर्ट के आधार के सोनम को कोई दवा या इलाज नहीं दिया जाना चाहिए। गीतांजलि ने यह भी सवाल उठाया कि अगर मामला पूरी तरह मेडिकल है तो अस्पताल में इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल क्यों तैनात किया गया है और सोनम से मिलने पर इतनी पाबंदियां क्यों लगाई जा रही हैं।

अस्पताल पर गंभीर आरोप

उन्होंने दावा किया कि अस्पताल का माहौल सामान्य इलाज केंद्र जैसा नहीं बल्कि हिरासत जैसा लग रहा है। उनके अनुसार, उन्हें सोनम के पास मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति भी नहीं दी गई। उन्होंने मांग की है कि सोनम के भाई को उनके साथ रहने दिया जाए और किसी भी मेडिकल प्रक्रिया से पहले परिवार की सहमति ली जाए। गीतांजलि ने कहा कि सोनम की भूख हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को प्रस्तावित मार्च हर हाल में होगा। अगर सोनम उसमें शामिल नहीं हो पाए तो वह खुद उनकी प्रतिनिधि बनकर मार्च का नेतृत्व करेंगी।

मार्च पर सबकी नजरें

उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से चल रहा आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ रहा है और सोनम युवाओं की मांगों को समर्थन देने के लिए इससे जुड़े थे। उनका कहना है कि सरकार आंदोलन को रोकने की कोशिश कर सकती है, लेकिन लोगों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। फिलहाल सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी सेहत को लेकर परिवार व प्रशासन के दावों में अंतर बना हुआ है। वहीं, पुलिस और अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्थिति का इंतजार है। 20 जुलाई के प्रस्तावित मार्च को लेकर अब सभी की नजरें इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।

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