Cockroach Janata Party || CJP || Abhijeet Deepke || CJP Founder || Youth Protest India: सोशल मीडिया पर तेजी से उभर रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान के रूप में शुरू हुआ यह मंच अब लाखों युवाओं की नाराजगी और उम्मीदों का प्रतीक बनता नजर आ रहा है। लेकिन आखिर इस अनोखे आंदोलन की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे खड़े अभिजीत दिपके कौन हैं? एक बयान से जन्मी 'कॉकरोच जनता पार्टी' अभिजीत दिपके के अनुसार, इस अभियान की शुरुआत उस समय हुई जब उन्होंने सोशल मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत का बयान देखा, जिसमें देश के कुछ युवाओं को लेकर विवादित टिप्पणी की चर्चा हो रही थी। दिपके को यह टिप्पणी युवाओं के सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ लगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल उठाया कि अगर कथित तौर पर 'कॉकरोच' कहे जाने वाले सभी युवा एक मंच पर आ जाएं तो क्या होगा? यह सवाल देखते ही देखते वायरल हो गया और हजारों युवाओं ने समर्थन जताना शुरू कर दिया। मजाक से आंदोलन तक का सफर शुरुआत में यह एक पैरोडी अभियान था, लेकिन युवाओं की भारी प्रतिक्रिया ने इसे एक बड़े सामाजिक-राजनीतिक मंच का रूप दे दिया। दिपके और उनकी टीम ने वेबसाइट लॉन्च की, सदस्यता अभियान शुरू किया और एक घोषणापत्र भी जारी किया। आज संगठन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाखों फॉलोअर्स हैं, जबकि बड़ी संख्या में युवा खुद को इसके सदस्य के रूप में पंजीकृत करा चुके हैं। समर्थकों का दावा है कि यह मंच बेरोजगारी, शिक्षा, अवसरों की कमी और युवाओं की आवाज को लेकर उठ रही निराशा का प्रतिनिधित्व करता है। कई चर्चित चेहरों का मिला समर्थन CJP को सोशल मीडिया पर कई सार्वजनिक हस्तियों और राजनीतिक नेताओं का समर्थन भी मिला है। इसी वजह से यह अभियान इंटरनेट की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन गया है। डिजिटल विशेषज्ञ भी इसे हाल के वर्षों की सबसे चर्चित ऑनलाइन जनभागीदारी पहलों में से एक मान रहे हैं। कौन हैं अभिजीत दिपके? महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से ताल्लुक रखने वाले अभिजीत दिपके की पढ़ाई पुणे में हुई। उन्होंने कुछ समय तक आम आदमी पार्टी की कम्युनिकेशन टीम के साथ भी काम किया। बाद में उच्च शिक्षा के लिए विदेश चले गए और वर्तमान में बोस्टन में अध्ययन से जुड़े रहे हैं। दिपके का कहना है कि शिक्षा, रोजगार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही जैसे मुद्दों ने उन्हें इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। घोषणापत्र में क्या हैं प्रमुख मुद्दे? कॉकरोच जनता पार्टी का घोषणापत्र न्यायपालिका की स्वतंत्रता, राजनीतिक जवाबदेही, युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा सुधार और महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी जैसे विषयों पर जोर देता है। संगठन का मानना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और युवाओं की भागीदारी देश के भविष्य के लिए जरूरी है। एक सोशल मीडिया व्यंग्य के रूप में शुरू हुई CJP अब युवाओं के असंतोष और बदलाव की मांग को सामने लाने वाले मंच के रूप में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है। आने वाले समय में यह अभियान सिर्फ ऑनलाइन रहेगा या जमीनी राजनीति में भी प्रभाव डालेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। ये भी पढ़ें: कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन को मिली मंजूरी, दिल्ली पुलिस ने दी हरी झंडी