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CJP प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार

CJP प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार किया। CJI सूर्यकांत ने वीडियो देखने से मना करते हुए कहा, "समय बर्बाद मत कीजिए।"

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

Supreme Court On CJP Protest: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का मामला बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस मामले में तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने वकील की दलीलों पर स्पष्ट कहा कि अदालत इस स्तर पर वीडियो देखने या तत्काल हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है।

CJI का सुनवाई से इनकार

याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील नरेंद्र मिश्रा ने अदालत को बताया कि संसद मार्च के दौरान छात्रों के साथ कथित मारपीट हुई और इस संबंध में उनके पास कई आवेदन तथा वीडियो मौजूद हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हमारा और अपना समय बर्बाद मत कीजिए, हम कोई वीडियो नहीं देखना चाहते।” इसके बाद अदालत ने तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार नहीं की।

पुलिस-प्रदर्शनकारी आमने-सामने

यह मामला उस विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें CJP के आह्वान पर बड़ी संख्या में छात्र और समर्थक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तथा नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली में एकत्र हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ।

सैकड़ों घायल होने का दावा

CJP का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान सैकड़ों प्रदर्शनकारी घायल हुए। संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बल प्रयोग किया गया, जबकि विपक्षी दलों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

हाई कोर्ट का रुख

इससे पहले मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इसी मामले से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट ने कहा था कि ऐसे मामलों में अदालत को अनावश्यक रूप से न घसीटा जाए। हालांकि, मामले को नियमित प्रक्रिया के तहत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। अब इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजर आगामी न्यायिक सुनवाई पर टिकी है, जहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और उससे जुड़े आरोपों पर विस्तृत बहस होने की संभावना है।

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