Coaching Center Sealed: लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के बाद नोएडा जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले में चल रहे कोचिंग संस्थानों और गेमिंग जोन की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए अभियान चलाया जा रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और फायर विभाग की संयुक्त टीम लगातार निरीक्षण कर रही है। जहां भी सुरक्षा नियमों या दस्तावेजों में कमी मिल रही है, वहां कार्रवाई की जा रही है। सेक्टर-104 में हुई कार्रवाई जांच के दौरान सेक्टर-104 स्थित ओम कोचिंग सेंटर अधिकारियों के निशाने पर आया। टीम ने रिकॉर्ड और सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की। पड़ताल में पता चला कि संस्थान के पास फायर एनओसी नहीं थी। रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं मिले। संकरे प्रवेश मार्ग पर आपत्ति निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कोचिंग सेंटर का एंट्री और एग्जिट प्वाइंट एक ही था। रास्ता काफी संकरा मिला। अधिकारियों के मुताबिक किसी आपात स्थिति में यहां बड़ा हादसा हो सकता था। इसी वजह से टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कोचिंग सेंटर को सील कर दिया। सेक्टर-49 में दूसरा कोचिंग सेंटर भी सील ओम कोचिंग सेंटर के बाद संयुक्त टीम सेक्टर-49 स्थित बासु कोचिंग सेंटर पहुंची। यहां तीन मंजिला भवन में कोचिंग संचालित की जा रही थी। जांच के दौरान एंट्री और एग्जिट की व्यवस्था पर्याप्त नहीं मिली। इमरजेंसी एग्जिट का भी अभाव था। साथ ही कोचिंग सेंटर के पास न तो फायर एनओसी थी और न ही रजिस्ट्रेशन। नियमों में खामियां मिलने पर प्रशासन ने इस भवन को भी सील कर दिया। जिलेभर में जारी है जांच अभियान यह कार्रवाई जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), सिटी मजिस्ट्रेट और फायर विभाग की संयुक्त टीम ने की। प्रशासन के अनुसार जिले में अब तक 102 कोचिंग सेंटर चिन्हित किए गए हैं। इनमें 57 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं, जबकि करीब 50 संस्थानों का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला है। ऐसे संस्थानों की लगातार जांच की जा रही है। जहां सुरक्षा मानकों और रजिस्ट्रेशन में कमी मिल रही है, वहां सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल दो कोचिंग सेंटरों को सील किया जा चुका है। ये भी पढ़े : ग्रेटर नोएडा में ओजी गांजा तस्करी का भंडाफोड़, ANTF की कार्रवाई में चार गिरफ्तार