उत्तर प्रदेश

अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर हमला, BJP को लेकर क्यों बोले ‘वोट चोरी की यूनिवर्सिटी’?

सैफई में अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर निष्क्रियता और बीजेपी पर वोट चोरी के आरोप लगाए। कांग्रेस से सीट बंटवारे, रोजगार, अस्पताल और आरक्षण पर भी सरकार को घेरा।

Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सैफई में मतदान करने के बाद भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर उन्होंने कई जिलों में गड़बड़ी और सपा समर्थकों को परेशान किए जाने के आरोप लगाए। साथ ही, उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी को वोट चोरी सिखाने के लिए एक विश्वविद्यालय खोल देना चाहिए।

‘चुनाव आयोग नींद की गोली खाकर बैठा है’

पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए मतदान करना चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील की। उनका आरोप था कि आगरा, फतेहपुर और गोरखपुर समेत कई जिलों से सपा समर्थकों को मतदान के दौरान परेशान किए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। अखिलेश ने दावा किया कि कुछ जगहों पर बीजेपी के लोगों और कथित तौर पर भ्रष्ट अधिकारियों के जरिए सपा समर्थकों को रोका जा रहा है। उन्होंने औरैया के एरवाकटरा में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं पर गुंडई करने का आरोप लगाया। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है।

‘वोट चोरी’ पर तीन साल के कोर्स का तंज

सपा प्रमुख ने बीजेपी पर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी को वोट चोरी सिखाने के लिए विश्वविद्यालय खोलना चाहिए और कार्यकर्ताओं के लिए कम से कम तीन साल का कोर्स चलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से लोकतंत्र मजबूत नहीं हो सकता और राजनीतिक दलों को अपना व्यवहार सुधारना चाहिए।

कांग्रेस के साथ सीटों पर क्या बोले अखिलेश?

कांग्रेस के साथ सीटों के बंटवारे के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि दोनों दल बैठकर तय करेंगे कि कांग्रेस को कितनी सीटें दी जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी को हराने के लिए विपक्ष को रास्ता निकालना होगा।

रावण के भेष से अस्पतालों तक पर निशाना

लखनऊ में लगे पोस्टर पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने रामायण का जिक्र किया और सवाल उठाया कि रावण ने कितनी बार भेष बदला था, जबकि उनके मुताबिक मौजूदा सरकार ने दस साल में कई बार अपना रूप बदला है। उन्होंने रोजगार और निवेश के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। अखिलेश ने दावा किया कि अस्पतालों की व्यवस्था कमजोर हुई है, पुलिस और प्रशासन से न्याय की उम्मीद कम हो रही है तथा आरक्षण और स्कूलों से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने गांवों में शराब की दुकानों की बढ़ती मौजूदगी को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

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