Ayodhya Donation Scam: राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े बहुचर्चित मामले में आज बड़ा घटनाक्रम सामने आ सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने की तैयारी में है। जांच पूरी करने के लिए टीम को 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया था, जिसकी समयसीमा अब समाप्त हो रही है। ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रिपोर्ट में किन लोगों की जिम्मेदारी तय होती है और सरकार इसके बाद क्या कदम उठाती है। जवाबदेही होगी तय सूत्रों के अनुसार, SIT अपनी रिपोर्ट प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह) को सौंप सकती है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट में चढ़ावे की सुरक्षा व्यवस्था, धन संग्रहण प्रक्रिया और कथित अनियमितताओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख होगा। यदि जांच में किसी कर्मचारी, अधिकारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। दान व्यवस्था में हो सकते हैं बड़े बदलाव जांच के दौरान दान पेटियों से लेकर बैंक तक धन पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की गई है। रिपोर्ट में डोनेशन मैनेजमेंट सिस्टम को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए कई अहम सुझाव दिए जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि नकदी संग्रह, गिनती, बैंक में जमा करने की प्रक्रिया, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और बैंक लेनदेन की गहन जांच की गई है। इसके अलावा सुरक्षा मानकों, स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), एक्सेस कंट्रोल और निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई है। यदि कहीं लापरवाही या मिलीभगत के संकेत मिले हैं तो संबंधित लोगों की जवाबदेही तय की जा सकती है। आरोपियों पर बढ़ सकता है शिकंजा इस मामले में नाम सामने आने वाले आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। जानकारी के अनुसार, एक आरोपी के निर्माणाधीन मकान को लेकर अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने अंतिम नोटिस जारी किया है। यदि निर्धारित समय में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं तो संबंधित निर्माण पर कार्रवाई की जा सकती है। योगी-अमित शाह की मुलाकात भी चर्चा में SIT की रिपोर्ट आने से ठीक पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई करीब 40 मिनट की बैठक को इस पूरे घटनाक्रम के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि बैठक के आधिकारिक एजेंडे की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट में संभावित प्रशासनिक बदलाव और जांच रिपोर्ट को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अब सबकी नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर है। यह रिपोर्ट न केवल चढ़ावा चोरी मामले की परतें खोल सकती है, बल्कि भविष्य में राम मंदिर की दान व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा भी तय कर सकती है। ये भी पढ़ें: राम मंदिर के नए CEO की दौड़ तेज! पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की एंट्री से बढ़ी हलचल