Bahraich Drug Bust: उत्तर प्रदेश के भारत-नेपाल सीमा से सटे बहराइच जिले में पुलिस और औषधि प्रशासन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नशीली दवाइयों के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा किया है। रुपईडीहा बॉर्डर क्षेत्र में संचालित एक आयुर्वेदिक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप, ट्रामाडोल कैप्सूल और अन्य नियंत्रित दवाइयां बरामद की गईं। कार्रवाई के दौरान स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। संयुक्त छापेमारी में खुला बड़ा नेटवर्क औषधि प्रशासन विभाग और थाना रुपईडीहा पुलिस की संयुक्त टीम अवैध मेडिकल स्टोरों और प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चला रही थी। इसी दौरान स्टेशन रोड स्थित आदर्श आयुर्वेदिक औषधि स्टोर की जांच की गई। तलाशी के दौरान स्टोर के भीतर रखी बोरियों से भारी मात्रा में नशीली और नियंत्रित दवाइयां बरामद हुईं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि स्टोर संचालक इन दवाइयों के संबंध में कोई वैध लाइसेंस या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पूरी खेप को जब्त कर लिया गया। भारी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल आठ प्रकार की प्रतिबंधित एवं नियंत्रित दवाइयां बरामद कीं। इनमें सबसे अधिक मात्रा कोडीन युक्त कफ सिरप की थी। बरामद सामग्री में शामिल हैं— 2,349 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप (करीब 2 क्विंटल 34 किलो 900 ग्राम) 12,145 ट्रामाडोल कैप्सूल 4 किलो 510 ग्राम नाइट्राजेपाम वर्ग की लूज गोलियां निट्राजोहम-10 की 698 टैबलेट निटकोर-10 की 257 टैबलेट एल्फ्राजोल की 509 टैबलेट 4 बोतल अतिरिक्त कोडीन युक्त कफ सिरप एसपीएएस वन के 64 कैप्सूल अधिकारियों के अनुसार इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयों की बरामदगी किसी संगठित नेटवर्क की ओर भी इशारा कर सकती है। स्टोर संचालक गिरफ्तार कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक आदित्य कुमार मिश्रा (44 वर्ष), निवासी केवलपुर, रुपईडीहा को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसके खिलाफ थाना रुपईडीहा में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8, 21 और 22, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 278 तथा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। नेपाल बॉर्डर कनेक्शन की भी जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में नशीली दवाइयां कहां से लाई गई थीं और इन्हें किस नेटवर्क के माध्यम से सप्लाई किया जा रहा था। चूंकि रुपईडीहा भारत-नेपाल सीमा के बेहद करीब स्थित है, इसलिए जांच एजेंसियां अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी के पहलू की भी गहन जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। प्रशासन का सख्त संदेश एसपी ग्रामीण दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध नशीली दवाइयों के कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि युवाओं तक नशीले पदार्थों की पहुंच रोकना पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को नेपाल सीमा पर नशीली दवाइयों की तस्करी रोकने की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है। ये भी पढ़ें: एक ही रात में दो इनामी बदमाश ढेर, पुलिस की गोली से घायल, बहराइच में ताबड़तोड़ एनकाउंटर