KANPUR NEWS : कानपुर प्राणि उद्यान की झील में मछलियों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। महज एक महीने के अंदर दूसरी बार बड़ी संख्या में मछलियां मृत मिलने के बाद जू प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। मछलियों की लगातार हो रही मौत के पीछे आखिर क्या वजह है, इसका पता लगाने के लिए अब वैज्ञानिक जांच कराई जा रही है। जू प्रशासन ने हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी यानी HBTU से झील के पानी की जांच कराने के लिए संपर्क किया है। अधिकारियों के मुताबिक, पानी के सैंपल की जांच को लेकर HBTU को रिमाइंडर भी भेजा गया है। विशेषज्ञों की ओर से 3 से 4 दिन में जांच रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। दरअसल, प्रशासन को आशंका है कि आसपास के नालों से प्रदूषित पानी झील में पहुंच रहा हो सकता है। पानी में किसी जहरीले पदार्थ या हैवी मेटल की मौजूदगी और ऑक्सीजन की कमी की भी जांच की जाएगी। फिलहाल रिपोर्ट आने से पहले ही जू प्रशासन ने एहतियाती कदम शुरू कर दिए हैं। झील के पानी में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाने के लिए 'O2 Max' का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, पानी में मौजूद जहरीले तत्वों के असर को कम करने के लिए 'टॉक्सीमार' दवा डाली जा रही है। झील की सफाई पर भी खास जोर दिया जा रहा है। दो नावों की मदद से पानी में फैली जलीय घास और कचरा हटाया जा रहा है। इसके लिए लोहे के बड़े-बड़े कांटे और पंजे तैयार कराए गए हैं, जिनकी मदद से घास को पानी से बाहर निकाला जा रहा है। जू प्रशासन का कहना है कि पानी की जांच रिपोर्ट से मछलियों की मौत की सही वजह सामने आएगी। इसके बाद झील के पानी को सुरक्षित रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। ये भी पढ़ें : 250 करोड़ की साइबर ठगी का ‘बैंक कनेक्शन’ आया सामने, रिलेशन मैनेजर गिरफ्तार; बोगस खातों से होता था करोड़ों का खेल