विदेश

UN में जेलेंस्की का बड़ा दावा, भारत समेत 47 देशों को दी चेतावनी! रूस पर लगाए गंभीर आरोप

यूएन में जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस 47 देशों के नागरिकों को युद्ध में इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने भारत समेत देशों से नागरिकों की सुरक्षा की अपील की।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

UN General Assembly 2026: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि रूस कथित तौर पर 47 देशों के नागरिकों को युद्ध में इस्तेमाल कर रहा है। इस सूची में भारत के अलावा नेपाल, घाना, ताजिकिस्तान, यमन, केन्या, जिम्बाब्वे, क्यूबा, बेलारूस, सूडान और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देश शामिल हैं।

अपने नागरिकों की करें रक्षा

जेलेंस्की ने संबंधित देशों के प्रतिनिधियों से अपने नागरिकों की सुरक्षा करने और उन्हें रूस-यूक्रेन युद्ध में आगे शामिल होने से रोकने की अपील की। उनका दावा था कि कुछ विदेशी नागरिक कथित तौर पर धोखे या गलत जानकारी के जरिए रूस पहुंचे और बाद में युद्ध के मैदान में भेजे गए। उन्होंने कहा कि इन देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके नागरिक इस संघर्ष का हिस्सा न बनें। जेलेंस्की ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी देश को अपने नागरिकों को इस युद्ध में खिंचने नहीं देना चाहिए।

रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की अपील

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रूस की युद्ध क्षमता पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि रूस की आय के स्रोत सीमित किए जाने चाहिए, क्योंकि उनके अनुसार व्यापार से मिलने वाला पैसा मॉस्को को युद्ध जारी रखने की क्षमता देता है। जेलेंस्की ने अन्य देशों से रूस पर प्रतिबंधों और आर्थिक दबाव को मजबूत करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि रूस के पास जितने अधिक वित्तीय संसाधन होंगे, युद्ध को जारी रखने की उसकी क्षमता उतनी ही बनी रहेगी।

काला सागर पर भारत का भी जिक्र

अपने भाषण में जेलेंस्की ने भारत की भूमिका का एक अलग संदर्भ में भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत, मिस्र और तुर्किये ने काला सागर में सुरक्षित व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही बहाल करने से जुड़े प्रस्ताव रखे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन समुद्री युद्धविराम का समर्थन करने के लिए तैयार है और अब रूस की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहा है। काला सागर से अनाज और अन्य जरूरी सामान की आवाजाही होने के कारण सुरक्षित समुद्री व्यापार का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम बना हुआ है।

सर्दियों से पहले यूक्रेन की चिंता

जेलेंस्की ने आने वाली सर्दियों को यूक्रेन के लिए चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच देश की हवाई सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत में भी यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता और पैट्रियट इंटरसेप्टर के उत्पादन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा का उल्लेख किया गया।

जेलेंस्की का बड़ा दावा

यूएन में अपने संबोधन के दौरान जेलेंस्की ने रूस पर दबाव बढ़ाने, विदेशी नागरिकों को युद्ध से दूर रखने और काला सागर में सुरक्षित व्यापार बहाल करने की अपील की। हालांकि, 47 देशों के नागरिकों के रूस द्वारा इस्तेमाल किए जाने का दावा जेलेंस्की का आरोप है; संबंधित देशों और रूस की ओर से इन सभी दावों की पुष्टि इस रिपोर्ट में स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं की गई है।

ये भी पढ़ें: UN की कुर्सी पर भारत का दावा मजबूत, लेकिन राह में सबसे बड़ी अड़चन क्या?

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »