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TMC के दो गुटों को मिले नए नाम-सिंबल, 6 अक्टूबर को होना है अगला बड़ा मुकाबला

चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को नए नाम-सिंबल दिए। ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी, बागी गुट को लिफाफा मिला। 6 अक्टूबर के उपचुनाव में दोनों आमने-सामने होंगे।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

TMC Split: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को अंतरिम तौर पर अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों को देखते हुए की गई है।

ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी

चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला है। दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। इससे एक दिन पहले आयोग ने दोनों पक्षों को मूल ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ वाले आरक्षित चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था। मूल नाम और चिह्न पर अंतिम फैसला अभी बाकी है।

उपचुनाव में नई पहचान

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। दोनों गुट अब इन चुनावों में आयोग की ओर से आवंटित नई पहचान के साथ मैदान में उतरेंगे। दोनों पक्षों ने अपने उम्मीदवार भी घोषित कर दिए हैं। ममता बनर्जी के गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे) और रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, दूसरे गुट की ओर से नंदीग्राम में मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर में सफीउद्दीन शेख के नाम सामने आए हैं।

17 सांसदों के BJP में जाने का दावा

इसी बीच TMC के भीतर टूट को लेकर एक और दावा सामने आया है। बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि 20 बागी सांसदों में से 17 अक्टूबर में दुर्गापूजा से पहले या बाद बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इस दावे को लेकर अन्य बागी सांसदों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।

इस तरह फिलहाल TMC का संगठनात्मक विवाद चुनाव आयोग के स्तर पर अंतिम रूप से सुलझा नहीं है, लेकिन आगामी उपचुनाव दोनों गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चिह्न के साथ पहला चुनावी परीक्षण होंगे।

ये भी पढ़ें: TMC के नाम-चिह्न पर EC का बड़ा फैसला! क्या विपक्षी दल साथ आए? 5 पॉइंट में समझें पूरा मामला

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