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TMC के नाम-चिह्न पर EC का बड़ा फैसला! क्या विपक्षी दल साथ आए? 5 पॉइंट में समझें पूरा मामला

EC के TMC नाम-चिह्न फ्रीज करने के फैसले पर विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी का समर्थन किया। राहुल गांधी, अखिलेश यादव और संजय राउत समेत नेताओं ने प्रतिक्रिया दी।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

MAMATA BANERJEE: चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और उसके ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला पार्टी के भीतर चल रहे दो गुटों के विवाद के बीच आया है।

1. EC ने क्यों लिया फैसला?

आयोग के मुताबिक, दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हैं। आगामी पश्चिम बंगाल उपचुनाव को देखते हुए अंतिम फैसला होने तक दोनों को मौजूदा नाम और चिह्न इस्तेमाल करने से रोक दिया गया है।

2. दोनों गुटों को नया नाम-चिह्न

EC ने दोनों पक्षों से वैकल्पिक पार्टी नाम और चुनाव चिह्न के विकल्प मांगे हैं। उपचुनाव के लिए आयोग अलग-अलग नाम और मुक्त चुनाव चिह्न आवंटित करेगा।

3. राहुल गांधी ने जताया विरोध

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने EC के फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे ममता बनर्जी की ही नहीं, बल्कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहने वाले सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं की लड़ाई बताया।

4. कांग्रेस और विपक्ष की प्रतिक्रिया

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने फैसले की आलोचना की। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने भी TMC को ममता बनर्जी के संघर्ष से जुड़ी पार्टी बताया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी EC के फैसले पर टिप्पणी की।

5. TMC विवाद की असली वजह

पार्टी के संगठनात्मक नियंत्रण और नेतृत्व को लेकर दो गुट आमने-सामने हैं। EC ने फिलहाल अंतिम स्वामित्व तय नहीं किया है। यह अंतरिम व्यवस्था आगामी उपचुनावों तक लागू रहेगी, जबकि अंतिम निर्णय आगे की प्रक्रिया के बाद होगा।

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