Samajwadi Party: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अपने संभावित चुनावी एजेंडे के कुछ अहम मुद्दों का संकेत दिया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि सरकार बनने पर पुरानी पेंशन योजना समेत कई फैसलों पर काम किया जाएगा। अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना यानी Old Pension Scheme (OPS) बहाल करने की दिशा में कदम उठाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे पर कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा भी की गई है। OPS के लिए फंड का मॉडल भी बताएंगे अखिलेश ने कहा कि केवल घोषणा करने के बजाय मेनिफेस्टो में यह भी बताया जाएगा कि पुरानी पेंशन योजना के लिए वित्तीय संसाधन किस तरह जुटाए जाएंगे। उनके मुताबिक, इसका पूरा वित्तीय मॉडल सार्वजनिक किया जाएगा, ताकि भविष्य में फंड की कमी का हवाला देकर योजना को लेकर सवाल न उठें। उन्होंने यह भी कहा कि वित्तविहीन संस्थानों के लिए मानदेय की व्यवस्था को भी पार्टी अपने मेनिफेस्टो में शामिल करेगी। मदरसा शिक्षकों के वेतन पर बड़ा दावा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी अखिलेश ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने पर मदरसा शिक्षकों से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। आधुनिक मदरसा शिक्षकों के वेतन को बहाल करने और बकाया भुगतान करने की बात भी उन्होंने कही। इसके अलावा संस्कृत विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने का दावा किया गया है। शिक्षकों की सेवा शर्तों और सेमेस्टर सिस्टम पर भी बात अखिलेश यादव ने शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और प्राचार्यों के वेतन से जुड़े प्रावधानों का जिक्र करते हुए धारा 12, 18 और 21 को बहाल करने की बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को शिक्षक के रूप में सम्मान देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। डिग्री कॉलेजों में लागू सेमेस्टर सिस्टम को खत्म करने की बात भी अखिलेश ने कही। हालांकि, इन सभी घोषणाओं का विस्तृत स्वरूप समाजवादी पार्टी के आगामी चुनावी घोषणापत्र में सामने आने की बात कही गई है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इन बयानों के जरिए सपा ने कर्मचारी, शिक्षक और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े वर्गों के लिए अपने संभावित एजेंडे के कुछ हिस्सों की तस्वीर जरूर सामने रख दी है। ये भी पढ़ें: ’10 सेकंड की रील से बनती-बिगड़ती है छवि’, अखिलेश की सपा प्रवक्ताओं को नसीहत!