Tata Group Chairman: टाटा ग्रुप की लीडरशिप को लेकर चल रही अटकलों पर गुरुवार को बड़ा फैसला सामने आया। मुंबई में हुई टाटा संस बोर्ड की बैठक में एन. चंद्रशेखरन को एक बार फिर पांच साल के लिए चेयरमैन बनाए रखने को मंजूरी दे दी गई। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 में खत्म होना था। फैसले से बदली तस्वीर सबसे खास बात यह है कि चंद्रशेखरन ने अगस्त में खुद संकेत दिया था कि वह मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा चेयरमैन पद के लिए इच्छुक नहीं हैं। इसके बाद टाटा संस में उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। अब बोर्ड के अनुरोध पर उन्होंने अपने फैसले पर दोबारा विचार किया और नए कार्यकाल के लिए सहमति दी। तीसरी बार संभालेंगे कमान चंद्रशेखरन ने 2017 में टाटा संस के चेयरमैन का पद संभाला था। 2022 में उन्हें दूसरी बार पांच साल का कार्यकाल मिला। अब बोर्ड की मंजूरी के बाद वह तीसरे पांच साल के कार्यकाल के लिए समूह की कमान संभालेंगे। टाटा ट्रस्ट्स में मतभेद इस फैसले के दौरान बोर्ड के भीतर मतभेद भी सामने आए। रिपोर्ट्स के मुताबिक टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति का विरोध किया। हालांकि बोर्ड ने बहुमत के आधार पर पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी। RBI के फैसले के बीच नियुक्ति चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब टाटा संस के सामने आरबीआई के लिस्टिंग नियमों से जुड़ा अहम मुद्दा है। आरबीआई ने टाटा संस को लिस्टिंग से छूट देने की मांग स्वीकार नहीं की है। कंपनी की लिस्टिंग को लेकर बोर्ड में चर्चा हुई, हालांकि इस पर रिपोर्ट्स में अलग-अलग जानकारी सामने आई है। बोर्ड के ताजा फैसले के बाद फिलहाल टाटा समूह की शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था में चंद्रशेखरन की भूमिका अगले पांच साल के लिए तय हो गई है। ये भी पढ़ें: UPI चार्ज पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, MDR के खिलाफ याचिका, 15 अक्टूबर से बदलेंगे नियम