KANPUR NEWS : कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित डिवाइन मेडिकल सेंटर में प्रसव के बाद 23 वर्षीय महिला की मौत का मामला सामने आया है। महिला ने अस्पताल में ऑपरेशन के जरिए बेटी को जन्म दिया था। बेटी के जन्म के कुछ ही घंटों बाद उसकी हालत बिगड़ गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत के बाद परिजन शव लेकर वापस डिवाइन मेडिकल सेंटर पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शांत कराया। परिजनों ने पुलिस को लिखित तहरीर देकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में की जांच घटना की जानकारी मिलने के बाद बुधवार दोपहर करीब तीन बजे एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम डिवाइन मेडिकल सेंटर पहुंची। टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज से जुड़ी सुविधाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों को अस्पताल में कई मानकों में कमी मिली। स्वास्थ्य विभाग की टीम के पहुंचने से पहले ही अस्पताल संचालक मौके से चला गया था। अधिकारियों ने अस्पताल में मरीजों को लाने-ले जाने की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। इस दौरान सामने आया कि अस्पताल में रैंप की जगह सीढ़ियों से मरीजों को अंदर ले जाया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर के जरिए सुरक्षित तरीके से अस्पताल के अंदर पहुंचाने के लिए निर्धारित मानकों के अनुसार व्यवस्था होनी चाहिए। परिजनों की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि गंभीर मरीजों को कई बार हाथ-पैर पकड़कर अस्पताल के अंदर ले जाना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग ने इन व्यवस्थाओं को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया। 60 हजार रुपये जमा कराने के बाद हुआ ऑपरेशन कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के लाल गांव निवासी विपिन किसान हैं। उनकी शादी करीब पांच वर्ष पहले गुड़िया से हुई थी। परिजनों के मुताबिक, रविवार देर रात गुड़िया को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार उसे पहले गांव के ही एक डॉक्टर के पास लेकर गया। वहां डॉक्टर ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे कल्याणपुर स्थित डिवाइन मेडिकल सेंटर ले जाने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद स्टाफ ने ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराने की बात कही। इसके बाद उनसे करीब 60 हजार रुपये जमा कराए गए। ऑपरेशन के बाद गुड़िया ने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही समय बाद गुड़िया की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत बिगड़ने पर डेढ़ लाख रुपये और जमा कराने का आरोप परिजनों के अनुसार, महिला की हालत बिगड़ने पर अस्पताल संचालक की ओर से पेट में संक्रमण होने की बात कही गई। इसके बाद परिवार से करीब डेढ़ लाख रुपये और जमा कराने का आरोप है। परिजनों का कहना है कि रकम जमा करने के बावजूद महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ। कुछ देर बाद उसकी स्थिति और गंभीर हो गई। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला को दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया। परिजन उसे लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद गुड़िया को मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद अस्पताल में हुआ हंगामा महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शव को लेकर वापस डिवाइन मेडिकल सेंटर पहुंचे और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ने पर अस्पताल का स्टाफ वहां से निकल गया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी, कल्याणपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से घटना की जानकारी ली। पुलिस ने अस्पताल से जुड़ी व्यवस्थाओं के बारे में भी जानकारी जुटाई। मृतका के पति विपिन ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की जान गई। बेटी को जन्म देने के बाद मां की मौत से परिवार में मातम परिजनों के मुताबिक, गुड़िया ने बेटी को जन्म दिया था। परिवार नवजात के आने की खुशी मना ही रहा था कि कुछ ही घंटों में यह खुशी मातम में बदल गई। गुड़िया अपनी नवजात बेटी का चेहरा तक नहीं देख सकी। पति विपिन ने कहा कि पत्नी ने बेटी के जन्म की खुशी दी, लेकिन उसके बाद हमेशा के लिए साथ छोड़ दिया। परिवार का आरोप है कि अगर समय पर बेहतर इलाज और उचित चिकित्सकीय व्यवस्था मिलती तो गुड़िया की जान बच सकती थी। 24 घंटे में जवाब मांगा, संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो रजिस्ट्रेशन होगा रद्द एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को देर रात महिला की मौत की जानकारी मिली थी। बुधवार को टीम ने अस्पताल पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल संचालक मौके पर नहीं मिले। जांच में अस्पताल की कुछ व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिलीं। इसी के चलते ऑपरेशन थिएटर को सील कर दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ को नोटिस देकर 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है। एसीएमओ के मुताबिक, यदि अस्पताल की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के साथ आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, प्रसव के दौरान कौन-कौन से चिकित्सकीय प्रोटोकॉल अपनाए गए और अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप थीं या नहीं।