GIMS Hospital Strike : राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में नियमन की मांग के चलते आउटसोर्स कर्मचारियों का अवरोध बढ़ता जा रहा है। 15 दिनों से चल रहे इस विवाद के बीच कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को भी आठवें दिन जारी रही। इस लंबी हड़ताल के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हैं, जिसका सीधा असर इलाज के लिए दूर-दूर से आने वाले हजारों मरीजों पर पड़ रहा है। इस दौरान, आंदोलनरत कर्मचारियों ने संस्थान प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगते हुए कहा है की प्रबंधन ने उनके हॉस्टल और कमरे की बिजली-पानी की सप्लाई काट दी है और टॉयलेट भी बंद कर दिए हैं, जिससे उनके अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। सपा प्रमुख से मिले कर्मचारी अस्पताल में चल रहे इस संकट को ख़तम करने और अपनी आवाज उठाने के लिए कर्मचारियों का एक टीम अब राजनीतिक शरण में पहुंच गया है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल अवाना की अगुवाई में आउटसोर्स कर्मचारियों के कुछ सदस्य लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मिले। कर्मचारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याओं और नियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से रखा और इस मामले में न्याय की अपील की। दूसरी तरफ, अस्पताल के अंदर बने इस खालीपन को भरने के लिए प्रशासन अब अपनी पूरी ताकत लगा रहा है। वैकल्पिक स्टाफ ने संभाली व्यवस्था संस्थान के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. गुप्ता ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अस्पताल की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए कहा की हड़ताल के कारण उत्पन्न मैनपावर की कमी को दूर करने के लिए आउटसोर्सिंग एजेंसियों के जरिए अतिरिक्त नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए जिला अस्पताल और नोएडा के चाइल्ड पीजीआई से भी गैर-शिक्षण स्टाफ की आवश्यकता की गई है। निदेशक के अनुसार, सोमवार को सभी कठिनाइयों के बावजूद ओपीडी में कुल 1,082 मरीज आए और 38 नए मरीजों को भर्ती किया गया। राहत की बात यह है कि वैकल्पिक स्टाफ की सहायता से अल्ट्रासाउंड, एमआरआई, टीकाकरण और एक्स-रे जैसी आवश्यक सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया गया है। ये भी पढ़े : ग्रेटर नोएडा में ओजी गांजा तस्करी का भंडाफोड़, ANTF की कार्रवाई में चार गिरफ्तार