Hamirpur News: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने एक अहम मांग को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इसमें वर्ष 2010 से पूर्व तथा 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी (TET) की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त करने की मांग उठाई गई है। क्या है मांगे? महासंघ का कहना है कि उस समय नियुक्त सभी शिक्षक तत्कालीन नियमों और पात्रता मानकों के अनुसार पूरी तरह वैध तरीके से चयनित हुए थे। ऐसे में बाद में लागू किए गए टीईटी नियमों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्यायसंगत नहीं है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि इन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य सभी सेवा लाभों को पूरी तरह संरक्षित रखा जाए। साथ ही केंद्र सरकार से इस मामले में शीघ्र विधायी और नीतिगत हस्तक्षेप की अपील की गई है। शिक्षकों के परिवार पर संकट महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निर्णय नहीं लिया गया तो लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष लालसिंह राजपूत कार्य जिलाध्यक्ष अंकराज त्रिवेदी महामंत्री आशीष मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे। ये भी पढ़ें: मोहर्रम से पहले हमीरपुर में हाई अलर्ट! प्रशासन ने बुलाई पीस कमेटी की बैठक ,दिए अहम निर्देश