नोएडा

नोएडा एयरपोर्ट से 1 जुलाई से 45 उड़ानें, 17 शहरों से बढ़ेगी सीधी कनेक्टिविटी

शुरुआती 10 दिनों के सफल संचालन के बाद एयरपोर्ट नेटवर्क का होने जा रहा है ऐतिहासिक विस्तार, घरेलू उड़ानों के साथ साल के अंत तक इंटरनेशनल कनेक्टिविटी देने की भी तैयारी तेज।

Jewar Airport : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) का उपयोग करने वाले हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी है। 1 जुलाई से यह एयरपोर्ट अपने नेटवर्क और उड़ानों का व्यापक विस्तार करने जा रहा है। वर्तमान में इस एयरपोर्ट से रोजाना केवल 12 उड़ानें संचालित होती हैं, लेकिन अगले महीने की पहली तारीख से यह संख्या तीन गुना बढ़कर 40 से 45 दैनिक उड़ानों तक पहुंच जाएगी। उड़ानों की बढ़ती संख्या के साथ एयरपोर्ट का घरेलू नेटवर्क भी 5 शहरों से सीधे बढ़कर 16-17 शहरों तक फैल जाएगा, जिससे पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को भारी राहत मिलेगी।

इन शहरों के लिए सीधी उड़ान

इस समय में नोएडा एयरपोर्ट से सिर्फ नवी मुंबई, जम्मू, अमृतसर, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ानें  हैं। लेकिन 1 जुलाई से शुरू होने वाले नए विस्तार के बाद देश के कई अन्य महत्वपूर्ण शहर और पर्यटन स्थल भी इस सूची में शामिल हो जाएंगे। नए समय सूची के लागू होते ही यात्री मुंबई, श्रीनगर, बरेली, भोपाल, देहरादून, धर्मशाला, चंडीगढ़, जयपुर, जोधपुर, किशनगढ़, लखनऊ और पंतनगर जैसे कुल 12 नए शहरों के लिए जेवर एयरपोर्ट से सीधे उड़ान ले सकेंगे। इससे व्यापार और पर्यटन के नजरिए से कनेक्टिविटी बेहद मजबूत हो जाएगी।

ट्रायल सफल, अब बड़े विस्तार की तैयारी

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उपाध्यक्ष क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने इस सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि शुरुआती 10 दिनों में एयरपोर्ट का संचालन संपूर्ण रूप से सफल रहा है। प्रारंभिक चरण में बहुत सीमित उड़ानों के जरिए एयरपोर्ट के सभी तकनीकी सिस्टम और संचालन को स्थिर और सुचारू किया गया, और अब एयरपोर्ट प्रशासन बड़े पैमाने पर नेटवर्क विस्तार के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि 1 जुलाई से 17 गंतव्यों के जुड़ने और लगभग 45 उड़ानों के दैनिक संचालन से यात्रियों को विश्व स्तरीय अनुभव प्राप्त होगा।

महंगी कैब, कनेक्टिविटी चुनौती बरकरार

एयरपोर्ट की उड़ानें बढ़ रही हैं, लेकिन यात्रियों ने एयरपोर्ट तक पहुंचने के सीमित साधनों और ऐप-आधारित टैक्सियों के उच्च किराए के बारे में चिंता व्यक्त की है। हालांकि, एयरपोर्ट प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि यह परिवहन व्यवस्था सरकारी एजेंसियों के अधीन है। अच्छी बात यह है कि वर्तमान में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) नोएडा से एयरपोर्ट तक स्पेशल एसी ई-बस सेवा प्रदान कर रहा है, जिसका किराया केवल 50 रुपये है। इसके विपरीत, ऐप-आधारित टैक्सियों का किराया नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से लगभग 600 रुपये से शुरू होता है, जो यात्रियों के लिए आर्थिक बोझ बन रहा है।

तकनीकी सुधार, इंटरनेशनल उड़ानों पर फोकस

प्रबंधन के मुताबिक , पैसेंजर टर्मिनल का विकास एक निरंतर प्रक्रिया है, इसलिए आने वाले हफ्तों और महीनों में यहां कुछ निर्माण कार्य चलते रहेंगे। शुरूवाती दिनों में यात्रियों को ई-गेट, डिजीयात्रा और एयर कंडीशनिंग सिस्टम जैसी तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा था, जिन्हें अब तकनीकी टीमें धीरे-धीरे सही कर रही हैं। नोएडा एयरपोर्ट का अगला प्रमुख लक्ष्य इस वर्ष के अंत तक कस्टम और इमिग्रेशन सेवाओं को पूरी तरह से चालू करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत की जा सके। यात्रियों की सुविधा के लिए फिलहाल 7 फूड आउटलेट और कई रिटेल स्टोर कार्यरत हैं।

3 करोड़ यात्रियों का महाप्लान

जेवर एयरपोर्ट के आगामी विकास के लिए योजनाएं पूरी तरह स्पष्ट हैं। वर्तमान टर्मिनल की वार्षिक क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की है। नियमों के अनुसार, जैसे ही यात्रियों की संख्या कुल क्षमता के 80 प्रतिशत यानी लगभग 96 लाख तक पहुंचेगी, दूसरे चरण का विस्तार कार्य आरंभ किया जाएगा। इसके बाद एयरपोर्ट की वार्षिक क्षमता को 3 करोड़ यात्रियों तक बढ़ा दिया जाएगा। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों और बाजार के रुख के मद्देनजर प्रबंधन ने इस विशाल विस्तार के लिए कोई निश्चित समयसीमा की घोषणा नहीं की है।

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